फॉरेक्स मार्केट

इंट्राडे ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी

इंट्राडे ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी
इंट्राडे मार्केट पानी की लहरों की तरह हैं । यह समय – समय पर ऊपर और नीचे होती रहती हैं । इसलिए एक इंट्राडे ट्रेडर के लिए वर्तमान मार्केट के ट्रेंड के अनुसार ट्रेडिंग करना बेहद महत्वपूर्ण है | एक इंट्राडे ट्रेडर को उतार – चढ़ाव का पालन करना चाहिए और उसके साथ ही जाना चाहिए । जब मार्केट में तेज़ी होती है , तो इंट्राडे ट्रेडर को उन शेयरों का चयन करना चाहिए जिसमें ऊपर जाने की संभावना है ।जब मार्केट में मंदी होती है , तो उन्हें उन शेयरों की पहचान करनी चाहिए जो नीचे जा सकते हैं । इंट्राडे ट्रेडिंग में ट्रेंड्स में तेजी से बदलाव होते हैं और इन बदलावों को ध्यान से देखना चाहिए । ट्रेडर को रुझान को पहचान करने के बाद उनका पालन करना चाहिए । जब मार्केट ऊपर की तरफ बढ़ रही हैं , तो कुछ शेयर अधिक तेजी से आगे बढ़ते हैं और ट्रेडर को इन शेयरों में ट्रेडिंग करनी चाहिए , क्योंकि उनमें अधिक मुनाफे और कम जोखिम की संभावना होती है । इसी तरह , जब मार्केट नीचे जा रही हैं , तो इंट्रा डे ट्रेडर को उन शेयरों में काम करना चाहिए जो मार्केट में तेजी से गिर रहे हैं । एक ट्रेडर को ट्रेंड्स और मार्केट की चाल को पकड़ने की कोशिश करनी चाहिए ।

Intraday Trading Rules in Hindi

Swing Trading कैसे करे – शेयर मार्किट में स्विंग ट्रेडिंग कर के 7 दिन में पैसे कैसे कमाए

शेयर मार्किट में कम समय के अन्दर अगर सबसे ज्यादा पैसे कमाने का अगर कोई तरीका है तो वो Swing Trading है . क्योंकि स्विंग ट्रेडिंग कि मदद से आप एक निर्धारित समय के अन्दर पैसे कमा सकते है .

लेकिन आपको स्विंग ट्रेडिंग की पूरी जानकारी होनी चाहिए वरना आप ट्रेडिंग करके पैसे नही कमा पाएंगे.

तो चलिए सबसे पहले जानते है स्विंग ट्रेडिंग क्या है ?.

प्रिश्न पर पर क्लिक करे और उत्तर पर जाए !

Swing Trading Kya Hai

स्विंग ट्रेडिंग क्या है: स्विंग ट्रेडिंग इंट्राडे और सकैलपिंग ट्रेडिंग से अलग है क्योंकि इंट्राडे या सकैलपिंग ट्रेडिंग में आप एक ही दिन के अंदर शेयर मार्केट में शेयर को खरीदने और बेचने का काम करते है.

लेकिन स्विंग ट्रेडिंग में ऐसा नही होता. स्विंग ट्रेडिंग में हम कम कीमत में शेयर को खरीद कर रख लेते है.

और शेयर की कीमत बढ़ जाने पर शेयर को बेच के पैसे कमाते है.

अगर आप स्विंग ट्रेडिंग के बारे में और भी विस्तार से जानना चाहते है तो उसके लिए हमारी नीचे दी गई पोस्ट पढ़े.

चलिए अब जानते है कि स्विंग ट्रेडिंग कैसे करते है?

Swing Trading Kaise Kare

स्विंग ट्रेडिंग कैसे करे: स्विंग ट्रेडिंग करने के लिए सबसे पहले आपको एक स्ट्रेटेजी बनानी होगी कि आप किस कंपनी के Share खरीदेंगे और कितने दिन तक के लिए ट्रेडिंग करेंगे .

तो सबसे पहले स्विंग ट्रेडिंग के लिए शेयर को चुनने कि स्ट्रेटेजी बनाना सीखते है ताकि हम आसानी से स्विंग ट्रेडिंग करना सीख सके.

Swing Trading Strategy in Hindi

स्विंग ट्रेडिंग रणनीति हिंदी में: सबसे पहले हमे एक ऐसे शेयर को चुनना है जिसमे उतार-चढाव आते रहते है. अब शेयर को चुनने के बाद शेयर कि कीमत पर नजर रखनी है और उस कंपनी से संबधित न्यूज़ पढनी है .

ताकि हम जान सके कि इस कंपनी के शेयर कि कीमत बढ़ेगी या घटेगी क्योंकि अगर एक बार यह पता चल जाता है तो हमारे लिए इंट्राडे ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी शेयर खरीदना आसान होगा .

अब मान लेते है कि हमे पता चला कि आज दिनांक से Reliance company के शेयर कि कीमत बढ़ेगी, तो हम आज कि कीमत में जितने जायदा हो सके Reliance company के शेयर ख़रीदे लेंगे .

2) डिसिप्लीन से ट्रेड करें। :

कोई भी मार्केट हो वहां आपके भावनाओं की कोई जगह नहीं होती । हमेशा ट्रेड करते समय भावनाओं की जगह अपने रिसर्च पर भरोसा रखें । भावनाओं में लिए गए निर्णय आपको मार्केट में नुकसान पहुंचा सकती है । अगर भावनाओं को अपनी ट्रेडिंग में डालोगे तो इसका मतलब आपकी कोई इंट्राडे ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी नहीं इंट्राडे ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी है। को भी अच्छे से समझने की कोशिश कीजिये । अक्सर देखा जाता है कि ट्रेडर कभी लॉस के डर से या कभी ज्यादा रिटर्न की चाह में निर्णय लेते हैं । ऐसे निर्णयों से ट्रेडिंग करते वक्त दूरी रखनी चाहिए । आपके एक दिन का ज्यादा रिटर्न दूसरे इंट्राडे ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी दिन ज्यादा नुकसान भी दे सकता हैं।

अगर आप स्टॉक मार्केट में लम्बे समय तक टिकना तो स्टॉप लॉस का प्रयोग अवश्य करें।

इंट्राडे ट्रेडिंग आपको एक दिन में बड़ा रिटर्न दे सकती है लेकिन इसके उलट नुकसान की संभावना भी इंट्राडे ट्रेडिंग में अधिक होती है । इसलिए जरूरी है कि आप स्टॉप लॉस आर्डर का उपयोग करें । स्टॉप लॉस ऑर्डर आपके जोखिम को सीमित करता है । यह सुनिश्चित करता है कि आपको नुकसान उतना ही हो जितना आप आसानी से झेल सकें । एक सही स्टॉप लॉस को सुनिश्चित करने के लिए स्टॉक मार्केट के खेला को समझे और उसके अनुसार एक सही वैल्यू पर स्टॉप लॉस लगाए ।

4) अलग – अलग स्टॉक में पैसा लगाएं:

एक ही कंपनी के ज्यादा शेयर खरीदने की बजाए अलग अलग कंपनियों के शेयर खरीदें । हालांकि यह नियम ज्यादातर लांग टर्म निवेश के लिए अपनाया जाता है लेकिन यदि इसका प्रयोग इंट्राडे ट्रेडिंग में किया जाए तो ये यहां भी फायदेमंद साबित हो सकता है । इसके पीछे कारण यही है कि स्टॉक मार्केट राजनीतिक , आर्थिक गतिविधि के अलावा और कई कारणों से प्रभावित होता है । दिन में कई बार मार्केट इन कारणों से ऊपर या फिर नीचे जा सकता है इसलिए जोखिम कम करने के लिए अलग – अलग क्षेत्र की कंपनियों के शेयर में पैसे लगाने चाहिए ।

इंट्राडे ट्रेडिंग में ज्यादा लाभ कमाने के चक्कर में ज्यादा पैसे न लगाएं । कभी भी उधार मांग लेकर पैसे न लगाएं क्योंकि इंट्राडे ट्रेडिंग में हमेशा इंट्राडे ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी इंट्राडे ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी लाभ कमाने के चाकर सोच घातक भी हो सकती है । पैसे उतने ही लगाएं जिसका नुकसान आप बिना किसी मानसिक दबाव को झेल सकें ।

6)योजना के साथ ट्रेड करें :

एक योजना के साथ ट्रेडिंग की शुरुआत करें । इतना ही नहीं जिस योजना के साथ आपने ट्रेडिंग शुरू की थी उस पर अड़े रहना भी उतना ही जरूरी है । स्टॉक मार्केट अफवाहों और कभी कभी झूठी खबरों से भी प्रभावित होता है । इसलिए जरूरी है कि एक योजना के तहत मार्केट में उतरा जाए । किसी भी प्रकार की खबर या सूचनाओं पर तभी विश्वास करें जब खबर को सोर्स अधिकृत हो । जिम्मेदारी के साथ निर्णय लें और मार्केट के ट्रेंड को करीब से समझने की कोशिश करें । एक साथ कई रणनीतियों का उपयोग करने की जगह एक बार में उन्हीं रणनीतियों को व्यव्हार में लाएं जिसमें आप मास्टर हैं या फिर जिस रणनीति के साथ आपके ट्रेड का अनुभव अच्छा रहा है ।

इट्राडे ट्रेडिंग करने से पहले अपने जोखिम उठाने की क्षमता को पहचाने । आपके जोखिम उठाने की क्षमता आपकी उम्र , ट्रेडिंग करने का आपका अनुभव , स्टॉक के बारे में आपका ज्ञान मार्केट की समझ आदि कई चीजों पर निर्भर करती है । इन चीजों के आधार पर ही आप अपने जोखिम उठाने की क्षमता को पहचान सकते हैं । इससे आपके ट्रेडिंग निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाएगी । याद रखें कि जोखिम उठाने का परिणाम ही आपको लाभ देता है ।

8) एक्स्ट्रा ट्रेड न करें। :

ऊपर हमने मल्टीपल स्टॉक में पैसा लगाने की बात कही लेकिन इसके साथ – साथ हमें इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि ओवरट्रेड न करें । मार्केट की वोलैटिलिटी जरूर अस्थिर स्वभाव वाली होती है । लेकिन ऐसा हर दिन नहीं होता है इसलिए इंट्राडे ट्रेडर को सलाह दी जाती है कि ओवडट्रेडिंग करने से बचें । अक्सर ऐसा देखा जाता है कि लोग अपने लॉस को कम करने के लिए ओवरट्रेड की रणनीति को अपनाते हैं और अंत में काफी नुकसान उठाते है ।

हमेशा से कहा जाता है कि ट्रेडिंग में अपने रिसर्च को ज्यादा महत्व दें । लेकिन कई पूर्व अनुमान सही नहीं होता है । इसलिए वर्तमान ट्रेंड को भी नजरअंदाज न करें । स्टॉक के बेहतर विश्लेषण के लिए स्टॉक के सपोर्ट और रेजिस्टेंस की जानकारी ले जिसके लिए आप इंट्राडे ट्रेडिंग फॉर्मूला का उपयोग कर सकते है । हालांकि ये सलाह इंट्राडे ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी केवल इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए सही मानी जाती है । इंट्राडे ट्रेडिंग में आमतौर पर देखा जाता है कि जब कोई स्टॉक एक दिशा इंट्राडे ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी में बढ़ना शुरू करता है , तो वह पूरे दिन उसी रास्ते पर चलता है । एक दिन की अवधि आमतौर पर शेयरों के ठीक होने के लिए पर्याप्त समय नहीं होता है ।

4) अलग – अलग स्टॉक में पैसा लगाएं:

एक ही कंपनी के ज्यादा शेयर खरीदने की बजाए अलग अलग कंपनियों के शेयर खरीदें । हालांकि यह नियम ज्यादातर लांग टर्म निवेश के लिए अपनाया जाता है लेकिन यदि इसका प्रयोग इंट्राडे ट्रेडिंग में किया जाए तो ये यहां भी फायदेमंद साबित हो सकता है । इसके पीछे कारण यही है कि स्टॉक मार्केट राजनीतिक , आर्थिक गतिविधि के अलावा और कई कारणों से प्रभावित होता है । दिन में कई बार मार्केट इन कारणों से ऊपर या फिर नीचे जा सकता है इसलिए जोखिम कम करने के लिए अलग – अलग क्षेत्र की कंपनियों के शेयर में पैसे लगाने चाहिए ।

इंट्राडे ट्रेडिंग में ज्यादा लाभ कमाने के चक्कर में ज्यादा पैसे न लगाएं । कभी भी उधार मांग लेकर पैसे न लगाएं क्योंकि इंट्राडे ट्रेडिंग में हमेशा लाभ कमाने के चाकर सोच घातक भी हो सकती है । पैसे उतने ही लगाएं जिसका नुकसान आप बिना किसी मानसिक दबाव को झेल सकें ।

6)योजना के साथ ट्रेड करें :

एक योजना के साथ ट्रेडिंग की शुरुआत करें । इतना ही नहीं जिस योजना के साथ आपने ट्रेडिंग शुरू की थी उस पर इंट्राडे ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी अड़े रहना भी उतना ही जरूरी है । स्टॉक मार्केट अफवाहों और कभी कभी झूठी खबरों से भी प्रभावित होता है । इसलिए जरूरी है कि एक योजना के तहत मार्केट में उतरा जाए । किसी भी प्रकार की खबर या सूचनाओं पर तभी विश्वास करें जब खबर को सोर्स अधिकृत हो । जिम्मेदारी के साथ निर्णय लें और मार्केट के ट्रेंड को करीब से समझने की कोशिश करें । एक साथ कई रणनीतियों का उपयोग करने की जगह एक बार में उन्हीं रणनीतियों को व्यव्हार में लाएं जिसमें आप मास्टर हैं या फिर जिस रणनीति के साथ आपके ट्रेड का अनुभव अच्छा रहा है ।

इट्राडे ट्रेडिंग करने से पहले अपने जोखिम उठाने की क्षमता को पहचाने । आपके जोखिम उठाने की क्षमता आपकी उम्र , ट्रेडिंग करने का आपका अनुभव , स्टॉक के बारे में आपका ज्ञान मार्केट की समझ आदि कई चीजों पर निर्भर करती है । इन चीजों के आधार पर ही आप अपने जोखिम उठाने की क्षमता को पहचान सकते हैं । इससे आपके ट्रेडिंग निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाएगी । याद रखें कि जोखिम उठाने का परिणाम ही आपको लाभ देता है ।

8) एक्स्ट्रा ट्रेड न करें। :

ऊपर हमने मल्टीपल स्टॉक में पैसा लगाने की बात कही लेकिन इसके साथ – साथ हमें इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि ओवरट्रेड न करें । मार्केट की वोलैटिलिटी जरूर अस्थिर स्वभाव वाली होती है । लेकिन ऐसा हर दिन नहीं होता है इसलिए इंट्राडे ट्रेडर को सलाह दी जाती है कि ओवडट्रेडिंग करने से बचें । अक्सर ऐसा देखा जाता है कि लोग अपने लॉस को कम करने के लिए ओवरट्रेड की रणनीति को अपनाते हैं और अंत में काफी नुकसान उठाते है ।

हमेशा से कहा जाता है कि ट्रेडिंग में अपने रिसर्च को ज्यादा महत्व दें । लेकिन कई पूर्व अनुमान सही नहीं होता है । इसलिए वर्तमान ट्रेंड को भी नजरअंदाज न करें । स्टॉक के बेहतर विश्लेषण के लिए स्टॉक के सपोर्ट और रेजिस्टेंस की जानकारी ले जिसके लिए आप इंट्राडे ट्रेडिंग फॉर्मूला का उपयोग कर सकते है । हालांकि ये सलाह केवल इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए सही मानी जाती है । इंट्राडे ट्रेडिंग में आमतौर पर देखा जाता है कि जब कोई स्टॉक एक दिशा में बढ़ना शुरू करता है , तो वह पूरे दिन उसी रास्ते पर चलता है । एक दिन की अवधि आमतौर पर शेयरों के ठीक होने के लिए पर्याप्त समय नहीं होता है ।

SEBI Intraday Trading New Rule:

भारत के फाइनेंशियल मार्केट को निगरानी करने वाली संस्था सेक्युरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया ने ट्रेडर के हितों को ध्यान में रखते हुए 1 सितंबर 2021 से पीक मार्जिन के नए नियम को लागू किया है । इस नियम के तहत ब्रोकर द्वारा ट्रेडर को दिए जाने वाले मार्जिन को सीमित कर दिया गया है । अब ब्रोकर केवल ट्रेड वैल्यू का 5 प्रतिशत मार्जिन ही दे सकता है । पहले इस प्रकार की सीमा नहीं थी । ट्रेडर यदि इन नियमों को ध्यान में रखकर अपने इंट्राडे ट्रेडिंग की यात्रा शुरू करे तो उसमें सफल होने की संभावना न केवल बढ़ जाएगी बल्कि कम समय में ट्रेडर ज्यादा रिटर्न पाने के सपने को भी सच कर पाएगा ।

अगर आप शेअर मार्केट में और जानकारी चाहते हो तो आप लगातर निवेशगुरू ब्लॉग पढ़ते रहें । और आप आसानी से शेयर मार्केट सीख सकते हो ।किसी विषय में और जानकारी चाहते तो कॉमेंट करें।

STEP 2 :

Advance trend indicator में ExMov line पीले (yellow) colour से blue(नीला ) colour में

और most line – red colour(लाल) से green colour( हरा ) में बदल चुकी हो (acording default setting )

STEP 3 :

Wave trend indicator में wave trend line और signal line जो (+ sign format में दिखेगी )

दोनों जीरो (zero) line के इंट्राडे ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी ऊपर स्थित हो और wave trend line ऊपर की ओर signal line को काटे (crossover)

Weekly Chart में भी Stock , Half Trend के ऊपर इंट्राडे ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी Trade करना चाहिए / Advance Trend Indicator की ExMove Line Blue and Most Line Green हो और Wave Trend Indicator में Wave Trend Line ,इंट्राडे ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी Signal(+) Line को

cross करके ऊपर की ओर हो

उसी प्रकार Intraday Trade के लिए 1 Hours Chart में भी Stock , Half Trend के ऊपर Trade करना चाहिए / Advance Trend Indicator की ExMove Line Blue and Most Line Green हो और

Wave Trend Indicator में Wave इंट्राडे ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी Trend Line ,Signal(+) Line को cross करके ऊपर की ओर हो

Now setup done first practice this strategy on paper then use this on live market.

I will publish more wonderful strategy in comming post so please subscribe this blog .

FAQ (Frequantly Ask Questions)

Ans . Trading view Chart में इस strategy को बनाना है |

Q2 . Chart में Time Frame क्या रखना है |

Ans. Intraday trade करने के लिए 15 मिनट और 1 Hours time frame रखना है जबकि swing trading या possisonal trade लिए 1 Day और 1 week time फ्रेम का use करना है Long Term के लिए 1 month time frame use करते है |

Q 3 . Risk Reward rasio क्या रखना है |

Ans 1 : 1.5 का risk reward rasio रखना है |

Q 4 . इस strategy का Accuracy Level क्या है

Ans . 95 % To 98 % (Acording Whole market Trend )

Desclaimer : this is not recomondation to buy any stock first practice on paper then apply in Live market.

रेटिंग: 4.34
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 283
उत्तर छोड़ दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा| अपेक्षित स्थानों को रेखांकित कर दिया गया है *