शुरुआती लोगों के लिए निवेश के तरीके

समर्थन स्तर क्या है

समर्थन स्तर क्या है
सेवा पूर्व प्रशिक्षण के लिए राष्‍ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एन सी टी ई), जो केन्‍द्र सरकार का सांविधिक निकाय है, देश में शिक्षक शिक्षा के नियोजित और समन्वित विकास का जिम्‍मेदार है। एन सी टी ई विभिन्‍न शिक्षक शिक्षा पाठ्यक्रमों के मानक एवं मानदंड, शिक्षक शिक्षकों के लिए न्‍यूनतम योग्‍यताएं, विभिन्‍न पाठ्यक्रमों के लिए छात्र-अध्‍यापकों के प्रवेश के लिए पाठ्यक्रम एवं घटक तथा अवधि एवं न्‍यूनतम योग्‍यता निर्धारित करती है। यह ऐसे पाठ्यक्रम शुरू करने की इच्‍छुक संस्‍थाओं (सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्‍त और स्‍व-वित्तपोषित) को मान्‍यता भी प्रदान करता है और उनके मानदंड और गुणवत्ता विनियमित करने और उन पर निगरानी के निमित्‍त व्‍यवस्‍था है।

केंद्र सरकार ने गेहूं की खेती करने वाले किसानों को दिया तोहफा, पहली बार सरकारी कीमत 2000 रुपये/क्विंटल के पार पहुंची

केंद्रीय भूमि जल बोर्ड

केन्‍द्रीय भूमि जल बोर्ड के विषय में

केन्‍द्रीय भूमि जल बोर्ड (सीजीडब्‍ल्‍यबी), जल संसाधन मंत्रालय, भारत सरकार का एक अधीनस्‍थ कार्यालय है । इस अग्रणी राष्‍ट्रीय अभिकरण को देश के भूजल संसाधनों के प्रबन्‍धन, अन्‍वेषण, मानीटरिंग, आकलन, संवर्धन एवं विनियमन हेतु वैज्ञानिक संभरण उपलब्‍ध कराने का दायित्‍व सौंपा गया है । वर्ष 1970 में कृषि मंत्रालय के तहत समन्‍वेषी नलकूप संगठन को पुन:नामित कर केन्‍द्रीय भूमि जल बोर्ड की स्‍थापना की गई थी । वर्ष 1972 के दौरान इसका आमेलन भूविज्ञान सर्वेक्षण के भूजल स्‍कंध के साथ कर दिया गया था ।
केन्‍द्रीय भूमि जल बोर्ड एक बहुसंकाय वैज्ञानिक संगठन है जिसमें भूजलवैज्ञानिक, भूभौतिकविद्, रसायनज्ञ, जलवैज्ञानिक, जलमौसम‍वैज्ञानिक तथा अभियंता कार्यरत हैं । इसका मुख्‍यालय भूजल भवन, एनएच.4 फरीदाबाद में स्थित है । इस संगठन के प्रमुख के रूप में इसके अध्‍यक्ष हैं तथा इसके चार मुख्‍य स्‍कंध हैं; नामत: (i) संधारणीय प्रबन्‍धन एवं संपर्क (एसएमएल), (ii) सर्वेक्षण, आकलन एवं मानीटरिंग (एसएएम), (iii) समन्‍वेषी वेधन एवं सामग्री प्रबन्‍धन (ईडी एंड एमएम), (iv) प्रशिक्षण एवं प्रौद्योगिकी हस्‍तांतरण (टी एंड टीटी) । प्रत्‍येक स्‍कंध के प्रमुख के रूप में सदस्‍य हैं । बोर्ड के प्रशासनिक एवं वित्‍तीय मामलों की देखरेख क्रमश: निदेशक (प्रशा.) एवं वित्‍त और लेखाधिकारी (एफएओ) करते हैं । बोर्ड के 18 क्षेत्रीय कार्यालय हैं; जिसके प्रमुख के रूप में क्षेत्रीय निदेशक हैं तथा साथ ही विभिन्‍न फील्‍ड कार्यकलापों के समर्थन के लिए 17 अभियांत्रिक प्रभाग और 11 राज्‍य एकक कार्यालय भी हैं । राजीव गांधी राष्‍ट्रीय भूमिजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्‍थान (आरजीएनजीटी एंड आरआई) जो बोर्ड की क्षमता निर्माण गतिविधियों का समन्‍वय करता है वर्तमान में सीजीडब्‍ल्‍यूबी , मुख्‍यालय फरीदाबाद में सक्रिय है । पर्यावरण (सुरक्षा) अधिनियम, 1986 के तहत गठित केन्‍द्रीय भूमि जल प्राधिकरण (सीजीडब्‍ल्‍यूए) देश में भूजल विकास के विनियमन संबंधी विभिन्‍न गतिविधियों की देखरेख करता है ।
केन्‍द्रीय भूमि जल बोर्ड द्वारा किए जा रहे मुख्‍य क्रियाकलापों में बड़े व्‍यास वाले खुले कुओं तथा उद्देश्‍य-आधारित निर्मित बोर/टयूबवेल (पीजोमीटर) सहित भूजल प्रेक्षण कुओं के नेटवर्क की सहायता से वृहत-स्‍तरीय भूजल प्रबंधन अध्‍ययन, समन्‍वेषी वेधन कार्यक्रम, भूजल स्‍तर एवं भूजल गुणवत्‍ता की मानीटरिंग, पुनर्भरण में संवर्धन हेतु कृत्रिम पुनर्भरण एवं वर्षा जल संचयन संबंधी प्रदर्शनात्‍मक स्‍कीम का कार्यान्‍वयन शामिल है । बोर्ड द्वारा संबंधित राज्‍य सरकारी अभिकरणों के साथ संयुक्‍त रूप से देश में पुनर्भरणीय भूजल संसाधन का आवधिक आकलन किया जाता है । इन गतिविधियों के अनुपूरक के रूप के भूभौतिकीय अध्‍ययन, दूर संवेदी तथा जीआईएस अध्‍ययन तथा भूजल माडलिंग अध्‍ययन भी किए जा रहे हैं । बोर्ड भूजल में कमी, समुद्री जल अन्‍त: प्रवेश , भूजल संदूषण, सतही एवं भूजल का संयुक्‍त उपयोग, जल संतुलन आदि भूजल संबंधी विभिन्‍न पहलुओं पर विशिष्‍ट अध्‍ययन भी करता है । यह अपने कार्मिकों के साथ-साथ भूजल के क्षेत्र मे संलग्‍न केन्‍द्र/राज्‍य सरकार के विभिन्‍न संगठनों के लिए विभिन्‍न क्षमता निर्माण गतिविधियॉं आयोजित करने के साथ-साथ जल संरक्षण और विवेकपूर्ण भूजल प्रबन्‍धन की महत्‍ता पर जागरूकता अभियान भी आयोजित करता है । सीजीडब्‍ल्‍यूबी द्वारा किए समर्थन स्तर क्या है गए विभिन्‍न अध्‍ययनों एवं उत्‍सर्जित आंकड़े दावाधारकों द्वारा जल संसाधन आयोजना की दिशा में वैज्ञानिक आधार उपलब्‍ध करते हैं । भूजल संसाधनों की आयोजना एवं प्रबन्‍धन पर राज्‍यों एवं अन्‍य प्रयोक्‍ता अभिकरणों को सुझाव देने के अतिरिक्‍त केन्‍द्रीय भूमि जल बोर्ड विभिन्‍न दावाधारकों को वैज्ञानिक भूजल अन्‍वेषण, विकास एवं प्रबन्‍धन की दिशा में तकनीकी जानकारी भी उपलब्‍ध कराता है ।
बोर्ड विभिन्‍न अनुसंधानों के माध्‍यम से उत्‍सर्जित आंकड़ो के आधार पर नियमित रूप से वैज्ञानिक रिपोर्ट का प्रकाशन करता है तथा दावाधारकों के मध्‍य इसका प्रचार-प्रसार करता है । इनमें भूजल प्रबन्‍धन के विभिन्‍न पहलुओ पर राज्‍य एवं जिला भूजलवैज्ञानिक रिपोर्ट, भूजल वार्षिकी तथा एटलस, भूजल प्रयोक्‍ता मानचित्र तथा निर्देशिका/मैनुअल/विवरणिका आदि शामिल है ।

आजम के समर्थन में शिवपाल सिंह यादव ने बीजेपी पर निशाना साधा कहा - राजनीति में इतना घटिया स्तर ठीक नहीं

लखनऊ: लोकसभा चुनाव को देखते हुए प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने समर्थन स्तर क्या है शनिवार को राष्ट्रीय परिवर्तन दल के अध्यक्ष डीपी यादव से मिले । मुलाकात के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेस करते बीजेपी पर निशाना साधा । शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि आजम पर सभी मुदकमें फर्जी लगाए गए हैं, और राजनीति में इतना घटिया स्तर पर नहीं समर्थन स्तर क्या है जाना चाहिेए ।

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शिवपाल सिंह ने कहा कि आजम खान बड़े नेता है उन्होंने यूनिवर्सिटी बनाए हैं । वह कोई भ्रष्टाचार नहीं कर सकते। यह सरकार उनके खिलाफ सब फर्जी मुकदमें लगा रही है । राजनीति में इतना निम्न स्तर तक गिरना ठीक नहीं है ।यूपी में सड़क पर शव रख कर किया प्रदर्शन तो सख्त करवाई होगी, सरकार ने बनाए नियम

आपको याद होगा कि शिवपास सिंह यादव आजम को लेकर योगी सरकार पर पहले भी हमला कर चुके हैं । उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर आरोप भी लगाया था कि आजम के खिलाफ को हो रहे अन्याय को लेकर अखिलेश प्रदर्शन करना चाहिए ।

प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव इससे पहले जब आजम खान सीतापुर जेल में बंद थे तब मिलने भी गए थे । आजम खान अभी कुछ माह पहले उच्चतम न्यायालय से जमानत मिलने के बाद रिहा हुए हैं । यूपी पुलिस आजम खान के जौहर यूनिवर्सिटी में अभी खुदाई की थी वहां पर नगर निगम की करोड़ों रूपए की मशीन जमीन के अंदर मिली थी ।

2024 लोकसभा चुनाव पर शिवपाल सिंह यादव ने क्या कहा ?
2024 लोकसभा चुनाव को लेकर प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि प्रसपा और सपा को कोई गठबंधन नहीं है। प्रसपा अकेल चुनाव लड़ेगी। हम अपना संगठन हर जिले में मजबूत कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि 2022 विधानसभा चुनाव में प्रसपा और सपा ने गठबंधन किया था । शिवपाल सिंह यादव ने सपा बैनर के तले चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी । इसके बाद राष्ट्रपति चुनाव के समय अखिलेश और शिवपाल में कुछ अनबन हुई । शिवपाल ने एनडीए उम्मीदवार का समर्थन किया । इसके बाद दोनों की राहें अलग हो गई ।

हर्नियेटेड डिस्क: पहचान और उपचार

हर्नियेटेड डिस्क: पहचान और उपचार | नारायणा हेल्थ

डिस्क प्रोलैप्स के सेगमेंट में आपकी रुचि को देखते हुए ये जान पड़ता है कि हर्नियेटेड डिस्क क्या है, ये क्यों होता है, इसके क्या कारण है और किसी व्यक्ति में इसके लक्षण की पहचान कैसे होता है से संबंधित जानकारी आप रखते हैं। अब यहां इसके पहचान और उपचार से संबंधित विकल्पों पर विचार करेंगे।

रोग की पहचान:

  • मौखिक प्रश्न: समर्थन स्तर क्या है डॉक्टर लक्षण और लोकेशन के बारे में प्रश्न पूछेंगे
  • लालिमा या सूजन का शारीरिक परीक्षण करेंगे
  1. रिफ्लेक्स टेस्टिंग
  2. सीधा पैर उठाएं: लेट कर सीधा पैर उठाया जाता है और ऐसा करने पर दर्द हो तो इससे रोग के बारे में पता चलता है।
  3. इसके लिए कुछ और शारीरिक परीक्षण भी किया जा सकता है

शिक्षक शिक्षा का राष्‍ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचा

राष्‍ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एन सी टी ई) ने शिक्षक शिक्षा पर राष्‍ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचा तैयार किया है, जिसे मार्च 2009 में परिचालित किया गया था। यह ढांचा एन सी एफ, 2005 की पृष्‍ठभूमि में तैयार किया गया है और नि:शुल्‍क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 में निर्धारित सिद्धांतों ने शिक्षक शिक्षा पर परिवर्तित ढांचा अनिवार्य कर दिया है, जो एन सी एफ, 2005 में संस्‍तुत स्‍कूल पाठ्यचर्या के परिवर्तित दर्शन के अनुकूल हो। शिक्षक शिक्षा का दर्शन स्‍पष्‍ट करते हुए इस ढांचे में नए समर्थन स्तर क्या है दृष्टिकोण के कुछ महत्‍वपूर्ण आयाम हैं :

  • परावर्ती प्रचलन, शिक्षक शिक्षा का केन्‍द्रीय लक्ष्‍य;;
  • छात्र-अध्‍यापकों समर्थन स्तर क्या है को स्‍व-शिक्षा परावर्तन नए विचारों के आत्‍मसातकरण और अभिव्‍यक्ति का अवसर होगा
  • स्‍व-निर्देशित शिक्षा की क्षमता और सोचने की योग्‍यता का विकास और समूहों में कार्य महत्‍वपूर्ण।
  • बच्‍चों के पर्यवेक्षण एवं शामिल करने, बच्‍चों से संवाद करने और उनसे जुड़ने का अवसर। इस ढांचे ने फोकस, विशिष्‍ट उद्देश्‍यों, सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक शिक्षा के अनुकूल विस्‍तृत अध्‍ययन क्षेत्र और पाठ्यचर्या अंतरण और विभिन्‍न प्रारंभिक शिक्षक शिक्षा कार्यक्रमों के लिए मूल्‍यांकन कार्यनीति उजागर की हैं। मसौदा आधारभूत मुद्दों को भी रेखांकित करता है, जो इन पाठ्यक्रमों के सभी कार्यक्रमों का निरूपण निदेशित करेगा। इस ढांचे ने सेवाकालीन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के दृष्टिकोण और रीति विधान पर अनेक सिफारिशें भी की हैं और इसकी कार्यान्‍वयन कार्यनीति भी रेखांकित की गई है। एन सी एफ टी ई के स्‍वाभाविक परिणाम के रूप में एन समर्थन स्तर क्या है समर्थन स्तर क्या है सी टी ई ने विभिन्‍न शिक्षक शिक्षा पाठ्यक्रमों का 'आदर्श' पाठ्यक्रम भी तैयार किया है।

सरकार ने बजट भाषण के मुताबिक

केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने ट्वीट कर जानकारी दिया है कि विपणन सीजन 2022-23 के लिए रबी फसलों के लिए एमएसपी में बढोत्तरी केंद्रीय बजट 2018-19 में घोषित लागत के कम से कम 1.5 गुना के स्तर पर एमएसपी तय करने के सिद्धांत के अनुरूप है. केंद्र सरकार के इस फैसले से किसानों की आय अच्छी खासी समर्थन स्तर क्या है बढोत्तरी होगी और उनकी आय दूगुनी हो जाएगी.

मोदी सरकार के अब तक गेहूं की कीमत को लेकर किए गए फैसले के बारे में जानते हैं. 2014 में 1400 रुपये प्रति क्विंटल , था जिसे 2017 -18 100 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 1625 रुपये प्रति क्विंटल किया गया. वहीं 2018- 19110 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 1735 रुपये प्रति क्विंटल किया गया, अगले साल 2019-20 में 105 रुपये बढ़ाकर 1840 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है. जबकि 2020-21 में 85 रुपये बढ़ाकर 1925 रुपये प्रति क्विंटल किया गया और 2021-22 में बढ़ाकर 1975 रुपये प्रति क्विंटल किया गया, अब इसकी कीमत 2015 की गई है. यानी मोदी काल में गेहूं की एमएसपी पर 2014 में 1400 रुपये प्रति क्विंटल से अब 2022-23 में 2015 तब पहुंच गया. लगभग डेढ़ गुना हो गया.

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