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जानें क्यों निवेशकों को लुभा रही ये करंसी

जानें क्यों निवेशकों को लुभा रही ये करंसी
नवभारत टाइम्स 17-11-2021

Commodities Live: फिर बढ़ रही है Gold की कीमत, कच्चे तेल और धातुओं पर क्या होनी चाहिए रणनीति?

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तो बार-बालाओं के ठुमकों से बिहार अब लुभाएगा निवेशकों को

बिहार के औरंगाबाद शहर में बीते दिनों आयोजित निवेशक सम्मेलन के दौरान जिस तरह की ओछी हरकत हुई उसको जानकार कोई भी बिहारी उदास हो जाएगा। वहां पर एक निवेशक सम्मेलन आयोजित किया गया। उसमें देश भर से निवेशक आमंत्रित किए गए। सम्मेलन का उद्घाटन राज्य के उद्योग मंत्री समीर महासेठ ने किया। यहां तक तो सब ठीक रहा। पर बाद में निवेशकों के कथित मनोरंजन के नाम पर बार बालाओं ने अश्लील भोजपुरी गीतों पर ठुमके लगाए। उसमें आर्केस्ट्रा की कर्कश धुन पर बार बालाओं ने घटिया डांस किया। इस घटना पर जब बवाल हुआ तो बिहार सरकार के बड़े असरदार अफसरों से लेकर मंत्री तक कहने लगे कि यह तो गलत हुआ। यह नहीं जानें क्यों निवेशकों को लुभा रही ये करंसी होना चाहिए था। अब जांच की बात भी हो रही है। जांच होने से क्या हो जाएगा।

अब क्या बिहार सरकार का कोई जिम्मेदार अफसर या मंत्री यह बताएगा कि निवेशक सम्मेलन में दो कौड़ी का डांस और म्यूजिक का कार्यक्रम रखने की जरूरत ही क्या थी? इसको आयोजित करने से निवेशकों पर कितना नेगेटिव प्रभाव पड़ा होगा। बिहार ज्ञान की धरती है। तब आयोजकों को सिर्फ कामोत्तेजक संगीत कार्यक्रम पेश करने की क्या सूझी। बेशक, बिहार इस तरह से तो निवेशकों को लुभा नहीं सकता है। कहना पड़ेगा कि बिहार में देश-विदेश के निवेशकों को राज्य में निवेश करने के लिए कोई ठोस पहल नहीं होती। जब होती है तो अश्लील कार्यक्रम तक पेश करा दिए जाते हैं। बिहार देश का एकमात्र इस तरह का राज्य है जहां पर निवेशकों को लुभाने के लिए कोई व्यापक नीति नहीं बनी। बिहार में देश का कोई भी बड़ा औद्योगिक घराना निवेश करने के लिए आगे नहीं आ रहा है।

क्या कभी आपने सुना है कि टाटा, अंबानी, अडानी, जिंदल और महिन्द्रा ने बिहार में कोई निवेश किया हो। बिहार में नए दौर के उद्यमी जैसे शिव नाडर (एचसीएल), भवेश अग्रवाल (ओला), दीपेन्द्र गोयल (जोमेटो) वगैरह भी निवेश को लेकर उत्साह नहीं दिखाते। जिस बिहार में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है जिसके चलते बिहारी नौजवान देश के सुदूर इलाकों में भी छोटी-मोटी नौकरी करने के लिए विवश हैं, तब बिहार से निवेशकों का दूर रहना चिंताजनक है। बिहार में ले-देकर सिर्फ सरकारी नौकरी बची है। उससे तो बात नहीं बनेगी। देखिए महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, तमिलनाडु जैसे राज्यों का तगड़ा विकास इसलिए ही हो रहा है, क्योंकि; इनमें हर साल भारी निजी क्षेत्र का निवेश आ रहा है। इन राज्यों से तो बिहार की तुलना करना बेमानी होगा। क्योंकि, ये तो अब बहुत आगे निकल चुके हैं। इनमें ही अनिल अग्रवाल, मुकेश अंबानी, गौतम अडानी जैसे उद्योगपतियों को निवेश करना सही लगता है। पर बिहार तो अपने पड़ोसी उत्तर प्रदेश से भी बहुत पिछड़ गया जानें क्यों निवेशकों को लुभा रही ये करंसी है। कोरोना काल के बाद जब निवेशक समाज बहुत सोच-समझकर निवेश कर रहा है, तब उत्तर प्रदेश में 80 हजार करोड़ रुपये के निवेश का वादा हो चुका है। यह वादा किया है देश के ही प्रमुख उद्योग समूहों ने। दरअसल निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश करना लाभ का सौदा नजर आ रहा है।

याद रख लें कि कोई निवेशक घाटा खाने के लिए तो कभी भी निवेश करेगा नहीं। पिछले कुछ समय पहले लखनऊ में हुए एक निवेशक सम्मेलन में हजारों करोड़ रुपए की परियोजनाएं धरातल पर उतरीं। निवेशक सम्मेलन में देश के नामी उद्योगपति गौतम अडानी, कुमार मंगलम बिड़ला, निरंजन हीरानंदानी सज्जन जिंदल आदि मौजूद थे। क्या ये उद्योगपति कभी बिहार आते हैं निवेश करने के लिए? उत्तर प्रदेश अपनी छवि तेजी से बदलता जा रहा है। सारे राज्य में आपको बेहतर सड़कें, साफ सुथरे चमकते बाजार, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्कूल वगैरह देखने को मिलेंगी। क्या ये बातें बिहार के लिए कही जा सकती हैं। पिछले 30-35 वर्षों के दौरान देश में कई औद्योगिक हब बने। इनमें नोएडा, ग्रेटर नोएडा, मानेसर आदि शामिल हैं। इनमें इलेक्ट्रानिक सामान और ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े सैकड़ों उत्पादों का उत्पादन हो रहा है। इसके अलावा यहां सैकड़ों आईटी कंपनियों में लाखों नौजवानों को रोजगार भी मिल रहा है।

हरियाणा का शहर मानेसर एक प्रमुख औद्योगिक शहर के रूप में स्थापित हो चुका है। मानेसर गुरुग्राम जिले का एक तेजी से उभरता औद्योगिक शहर है। मानेसर में ऑटो और ऑटो पार्ट्स की अनेक इकाइयां खड़ी हो चुकी हैं। इनमें मारुति सुजुकी, होंडा मोटर साइकिल एंड स्कूटर इंडिया लिमिटेड शामिल हैं। मानेसर को आप उत्तर भारत का श्रीपेरम्बदूर मान सकते हैं। तमिलनाडु के श्रीपेरम्बदूर में भी ऑटो सेक्टर की कम से 12 बड़ी कंपनियां उत्पादन कर रही हैं और इन बड़ी कंपनियों को पार्ट-पुर्जे सप्लाई करने के लिए सैकड़ों सहयोगी उद्योग भी चल रहे हैं। आपको इस तरह के हब बिहार के अलावा लगभग सब राज्यों में मिलेंगे। बिहार में कोई शहर नोएडा, ग्रेटर नोएडा या मानेसर जैसा क्यों नहीं बना? आपको इस सवाल का जवाब कोई नहीं देगा। अगर बिहार में निजी क्षेत्र का निवेश लाना है तो बड़े स्तर पर और सकारात्मक सोच के साथ पहल करनी होगी। यह भी सोचना होगा कि निवेशक बार बालाओं आ अश्लील नृत्य चाहते हैं ? या बिजली, पानी, सडक, सुरक्षा और कुशल कामगार?

गुजरात चुनाव से पहले हिंदुत्व कार्ड, AAP लगाएगी BJP के खिलाफ पोस्टर

गुजरात चुनाव से पहले हिंदुत्व कार्ड, AAP लगाएगी BJP के खिलाफ पोस्टर

मलिका मल्होत्रा

मलिका मल्होत्रा

  • नई दिल्ली,
  • 27 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 8:42 PM IST

गुजरात और हिमाचल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने धार्मिक कार्ड खेला दिया है. केजरीवाल के इस दांव में बीजेपी भी उलझकर रह गई है. केजरीवाल कह रहे हैं कि नोटों पर लक्ष्मी और गणेश की फोटो लगा दी जाए तो देश की अर्थव्यवस्था सुधर जाएगी. देखें वीडियो.

Crypto से जुड़े विज्ञापन पर फिलहाल रोक क्यों लगाने जा रही हैं WazirX, bitbns जैसी एक्सचेंज

नवभारत टाइम्स लोगो

नवभारत टाइम्स 17-11-2021

नई दिल्ली

Crypto Ads: भारत में क्रिप्टो करेंसी को मुद्रा के रूप में अनुमति नहीं दी जाएगी। इसका मतलब यह है कि अगर किसी के पास बिटकॉइन या इथेरियम जैसी क्रिप्टो करेंसी है तो वह उससे शेयर, गोल्ड या बॉन्ड की तरह रख सकते हैं, लेकिन उसे करेंसी की तरह पेमेंट करने में उपयोग नहीं कर सकते।

इसके बाद WazirX और bitbns जैसी कंपनियों ने अब क्रिप्टो से जुड़े विज्ञापन फिलहाल बंद करने का फैसला किया है। भारत में क्रिप्टोकरेंसी पर सरकार की प्रस्तावित मीटिंग और उसके निष्कर्ष से पहले क्रिप्टो एक्सचेंज और ट्रेडिंग प्लेटफार्म ने विज्ञापन रोकने का फैसला किया है।

केंद्र का फैसला

केंद्र सरकार ने मीटिंग में फैसला लिया है कि क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज और ट्रेडिंग प्लेटफार्म द्वारा बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी को बढ़ावा देने (एक्टिव सोलिसिटेशन) की अनुमति नहीं मिल पाएगी। इस मामले से जुड़े लोगों ने बताया है कि सरकार क्रिप्टो के मामले में एक विधेयक को अंतिम रूप देने में जुटी है।

विज्ञापन से दूर रहेगी कंपनी

भारत में वर्चुअल करेंसी के बारे में आम लोगों की समझ बहुत कम है, लेकिन उसके बाद भी बहुत से लोग बिटकॉइन जैसी वर्चुअल करेंसी में निवेश कर रहे हैं। क्रिप्टो एक्सचेंज वजीरएक्स ने प्रिंट और टेलीविजन एडवर्टाइजमेंट से कुछ दिनों तक दूर रहने का फैसला किया है। वजीरएक्स देश में क्रिप्टोकरेंसी का सबसे बड़ा एक्सचेंज है। क्रिप्टो एक्सचेंज और ट्रेडिंग कंपनी ने कहा है कि इस समय वह कोई स्पॉन्सरशिप डील भी नहीं कर रही है।

भ्रामक विज्ञापन देकर लुभा रही कंपनियां

बिट बीएनएस ने अपने मौजूदा विज्ञापन बंद करने का फैसला किया है। बिट बीएनएस के विज्ञापन में कहा जाता है कि बिटकॉइन के फिक्स्ड डिपॉजिट में बैंक डिपॉजिट की तुलना में 4 गुना तक अधिक मुनाफा हो सकता है। इस मामले से जुड़े लोगों के अनुसार क्रिप्टो इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के दबाव के बाद बिटबीएनएस ने इस तरह का विज्ञापन रोकने का फैसला किया है। बिटबीएनएस के चीफ एग्जिक्यूटिव ने विज्ञापन बंद करने की पुष्टि की है।

लोकप्रिय इवेंट में विज्ञापनों की बमबारी

पिछले कुछ वक्त में क्रिप्टो एक्सचेंज ने क्रिकेट इवेंट को विज्ञापनों से भर दिया है। इस मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि कंपनियां अब इस तरह के विज्ञापन बंद करने और अपने दावे को जानें क्यों निवेशकों को लुभा रही ये करंसी वापस लेने पर विचार कर रही हैं। क्रिप्टो एक्सचेंज के विज्ञापनों की पड़ताल की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि क्रिप्टो एक्सचेंज और ट्रेडिंग प्लेटफार्म अनाप-शनाप दावे कर निवेशकों को भ्रमित कर रही हैं।

राजस्थान के कई शहरों में ईडी की रेड, क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर चल रहा था ठगी का बड़ा खेल

राजस्थान के जयपुर की चीनी कंपनियों के नियंत्रण वाली कपंनियों के 46.67 करोड़ रुपए फ्रीज किए गए है। यह निर्णय ईडी ने अपनी कार्यवाही के तहत किया है। प्रवर्तन निदेशालय के द्वारा जोधपुर व जयपुर के कई जानें क्यों निवेशकों को लुभा रही ये करंसी शहरों में रेड नागालैंड में दर्ज हुई रिपोर्ट के आधार पर की है।

Jaipur news crypto currency fraud case in Chinese company Enforcement directorate raid many district of Rajasthan state asc

जयपुर. निवेश के लिए लुभा रही क्रिप्टो करेंसी में चीनी कंपनियों की करोड़ों की ठगी के बाद ईडी के निशाने पर राजस्थान भी आ गया है। ईडी ने प्रदेश के जयपुर व जोधपुर सहित कई शहरों में छापामार कार्रवाई की है। जहां अलग अलग बैंक खातों से ईडी अब तक 46.67 करोड़ रुपए की राशि फ्रीज कर चुकी है। ठगी के बड़े खेल को देखते हुए ये राशि अभी और बढऩे का अनुमान है। ईडी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नागालैंड के कोहिमा साइबर पुलिस स्टेशन में क्रिप्टो करेंसी के नाम पर ठगी का प्रकरण दर्ज हुआ था। जिसके आधार पर ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत प्रदेश सहित देश के कई शहरों में छापेमार कार्रवाई की है। जो एप बेस्ड टोकन एचपीजेड और उससे संबंधित कंपनी के खिलाफ की गई है।

भारी मुनाफे के झांसे में फंसाया
क्रिप्टो करेंसी के नाम पर ठगी टोकन बेस्ड एचपीजेड एप के नाम पर की गई। जिसके जरिये ठगों ने निवेशकर्ताओं के अकाउंट खोलते हुए उन्हें बिटकॉइन व अन्य क्रिप्टोकरंसी में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच दिया। जिसमें निवेश करने वाले निवेशकर्ताओं को शुरू में यूपीआई व अन्य तरह से कुछ राशि भी लौटाई। इससे एप के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ता गया और लोग उसमें बड़ी राशि निवेश करने लगे। बड़ा निवेश होने पर ठगों ने उनकी राशि को अन्य व्यक्तियों व कंपनियों के खातों में ट्रांसफर कर उसे निकालना शुरू कर दिया। बाद में एप व उसकी वेबसाइट दोनों बंद कर दी। जब निवेशकों को ठगी की भनक हुई तो उन्होंने अलग- अलग थानों में एप के खिलाफ शिकायत दर्ज की।

चीनी कंपनियों का हाथ
मामले में चीनी कंपनियों का हाथ भी सामने आया है। जांच में पता चला है कि एचपीजेड टोकन को चीनी नियंत्रित कंपनियों मैसर्स लिलियन टेक्नो कैब प्राइवेट लिमिटेड और मैसर्स शिगू टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड संचालित कर रही थी। जो जानें क्यों निवेशकों को लुभा रही ये करंसी विभिन्न एप, वेबसाइट, गेमिंग, लोन और अन्य चीजों के संचालन के बहाने ऑनलाइन ठगी कर रही थी। मामले में अब तक कई कंपनियों के नाम सामने आ चुके हैं। जिस पर हरकत में आई ईडी ने विभिन्न कंपनियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। फिलहाल पूरे मामले का खुलासा होना अभी बाकी है।

अब तक यहां छापेमारी
क्रिप्टो करेंसी में निवेश में ठगी के प्रकरण में ईडी प्रदेश सहित देश के कई शहरों में छापा मार चुकी है। जिनमें राजस्थान के जयपुर व जोधपुर सहित देश की राजधानी दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरु, , मुंबई, गुडगांव, चेन्नई, पुणे, गाजियाबाद, लखनऊ और गया सहित कई बड़े शहर शामिल है। जहां ईडी करोड़ों के बैंक खाते सीज कर चुकी है।

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